16 सितंबर से परीक्षाएं आयोजित कराने का निर्णय



उत्तरपुस्तिका एकत्र करना कॉलेज की जिम्मेदारी


  परीक्षा को लेकर कुलपति को अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया है कि परीक्षाओं के पूरा होने के बाद परीक्षार्थियों से उत्तरपुस्तिकाएं एकत्र करने का कार्य महाविद्यालयों को करना होगा। समय पर उत्तरपुस्तिकाओं के संग्रहण के साथ ही साथ तथा समय सीमा के भीतर उसे मूल्यांकन केन्द्र तक पहुंचाना भी उनके उत्तरदायित्व में शामिल किया गया है।

  16 सितंबर से परीक्षाएं आयोजित कराने का निर्णय

विश्वविद्यालय की गुरुवार को आयोजित हुई बैठक के दौरान निर्णय लिया गया है कि स्नातक अंतिम वर्ष और स्नातकोत्तर चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं आयामी 16 सितंबर से आयोजित की जाएंगी। इसके लिए संबंधित विभाग को समय-सारणी तैयार करने के लिए कहा गया है। जिससे समय पर विद्यार्थियों को इसके बारे में जानकारी दी जा सके और वह अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे सकें। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार सभी तरह की विश्वविद्यालयीन परीक्षाएं तीस सितंबर तक आयोजित करनी अनिवार्य है। जिससे समय पर परीक्षा परिणाम जारी कर विद्यार्थियों को अगली कक्षाओं में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त किया जा सके।